रविवार, 4 जुलाई 2010

ये कौन लोग है और ये क्या हो रहा है ?



लालगढ़ में आजकल जो भी हो रहा है वह एक सभ्य समाज पर कलंक है. हमें इसके खिलाफ दृढ़ता से खड़े होना पड़ेगा वरना हमारी आने वाली पीढियां कभी भी शांति से नहीं रह पाएंगी .इस देश के आगे कई ऐसे उदहारण पड़े है जहा आजतक सेना लड़ रही है पर समस्या जस की तस है. अगर सरकार ज़नता की समस्या सुनाने के बजाए अपने ही लोगो के खिलाफ युद्ध छेड़ देगी तो समस्या नहीं सुलझनेवाली. आखिर सेना कितने (निर्दोष ) लोगो को मारेगी .हमारी ये सरकार जनता की कब सुनेगी ? क्या ये गूंगा तंत्र चल पायेगा ?


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